वेल्डिंग सिंबल इंजीनियरिंग ड्रॉइंग की संक्षिप्त तकनीकी भाषा है। यह सिर्फ कागज़ पर बना त्रिकोण, V या छोटा-सा झंडा नहीं होता; इसके जरिए यह बताया जाता है कि वेल्ड कहाँ करना है, किस प्रकार का करना है, कितना बड़ा या लंबा होना चाहिए और क्या कोई खास प्रक्रिया या निरीक्षण संदर्भ लागू है। AWS A2.4 ड्रॉइंग पर वेल्डिंग, ब्रेज़िंग और नॉन-डिस्ट्रक्टिव एग्ज़ामिनेशन की जानकारी बताने की पद्धति देता है, जबकि ISO 2553 यह मानता है कि ड्रॉइंग को बहुत भरा हुआ बनाने से बचने के लिए कुछ विवरण ड्रॉइंग नोट्स या डिजाइन-संबंधी दस्तावेजों में भेजे जा सकते हैं [24][
2]।
सीधी बात यह है: सिंबल याद करने से पहले पढ़ने का क्रम सीखिए। पहले ड्रॉइंग पर लिखा मानक पहचानिए, फिर तीर को जॉइंट तक फॉलो कीजिए, संदर्भ रेखा के ऊपर या नीचे बने चिह्न से वेल्ड की साइड समझिए, उसके बाद आयाम, टेल और पूरक चिह्न पढ़िए।
1. सबसे पहले ड्रॉइंग का मानक पहचानें
टाइटल ब्लॉक, जनरल नोट्स या प्रोजेक्ट स्पेसिफिकेशन में देखें कि ड्रॉइंग किस मानक के अनुसार बनी है—जैसे AWS A2.4, ISO 2553, BS EN 22553 या कोई प्रोजेक्ट-विशेष नियम। यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि वेल्ड की साइड दिखाने और कुछ विवरण लिखने का तरीका अलग-अलग प्रणालियों में बदल सकता है [2][
12]।
ISO 2553 में यह कहा गया है कि वेल्डिंग सिंबल को बेहतर है उसी तरफ दिखाया जाए जहाँ जॉइंट पर वेल्ड बनना है, यानी तीर वाली साइड; साथ ही, ड्रॉइंग को अधिक भरा हुआ न बनाने के लिए विवरण नोट्स या डिजाइन दस्तावेजों में दिए जा सकते हैं [2]। दूसरी ओर, BS EN 22553 के संदर्भों में फुल रेफरेंस लाइन और डैश्ड लाइन का उपयोग पास वाली और दूर वाली साइड को अलग करने के लिए किया जाता है [
12][
18]।
यही वजह है कि वर्कशॉप में लगे शॉर्टकट चार्ट उपयोगी होते हुए भी अंतिम आधार नहीं होते। कुछ चार्ट खुद बताते हैं कि वे केवल shop aids हैं और AWS वेल्डिंग सिंबल की पूर्ण आधिकारिक प्रस्तुति AWS A2.4 में है [6]।
2. Weld symbol और welding symbol में फर्क समझें
दो शब्दों को अलग रखना बहुत जरूरी है:
- Weld symbol: संदर्भ रेखा पर बना छोटा चिह्न, जो वेल्ड का प्रकार बताता है—जैसे फिलेट वेल्ड या ग्रूव वेल्ड।
- Welding symbol: पूरी सूचना प्रणाली—तीर, संदर्भ रेखा, टेल, आयाम और पूरक चिह्नों सहित।
शिक्षण संदर्भों में बताया गया है कि weld symbol वेल्ड का प्रकार बताने वाला चिह्न है, जबकि welding symbol वह पूरी जानकारी है जो संदर्भ रेखा, तीर और टेल के साथ दी जाती है [10]। इसलिए सिर्फ यह जान लेना कि त्रिकोण का मतलब फिलेट वेल्ड है, पर्याप्त नहीं है; असली निर्देश तब समझ आता है जब आप साइड, आकार, लंबाई और किसी प्रक्रिया-संदर्भ को साथ में पढ़ते हैं।
3. वेल्डिंग सिंबल के मुख्य हिस्से
| हिस्सा | यह क्या बताता है? |
|---|---|
| संदर्भ रेखा | क्षैतिज रेखा जिस पर या जिसके आसपास वेल्डिंग निर्देश लिखे जाते हैं; शिक्षण संदर्भ इसे वेल्डिंग सिंबल का मुख्य आधार बताते हैं [ |
| तीर | संदर्भ रेखा को उस जॉइंट या साइड से जोड़ता है जहाँ निर्देश लागू होते हैं; वेल्ड की जगह बताने के लिए तीर का उपयोग आवश्यक माना जाता है [ |
| वेल्ड का मूल चिह्न | वेल्ड का प्रकार या जॉइंट तैयारी दिखाता है—जैसे फिलेट, ग्रूव, प्लग, स्लॉट, स्पॉट, सीम, सर्फेसिंग या एज वेल्ड [ |
| आयाम | साइज, बेवल की गहराई, ग्रूव एंगल, रूट ओपनिंग, वेल्ड सेगमेंट की लंबाई और सेगमेंट के बीच पिच जैसी जानकारी देते हैं [ |
| टेल | वैकल्पिक जगह, जहाँ वेल्डिंग प्रक्रिया, स्पेसिफिकेशन या कोई अन्य संदर्भ लिखा जा सकता है; यदि अतिरिक्त संदर्भ न हो तो टेल हटाई जा सकती है [ |
| पूरक चिह्न | जैसे all-around weld, field weld, या वेल्ड सतह का flat, convex या concave आकार [ |
4. वेल्ड किस साइड पर है: तीर वाली या दूसरी?
AWS के अनुसार आम पढ़ाई में संदर्भ रेखा के ऊपर-नीचे का स्थान बहुत मायने रखता है:
- सिंबल संदर्भ रेखा के नीचे है, तो वेल्ड तीर वाली साइड पर है [
7][
17]।
- सिंबल संदर्भ रेखा के ऊपर है, तो वेल्ड जॉइंट की दूसरी साइड पर है [
17]।
- अगर जानकारी रेखा के दोनों तरफ है, तो वेल्ड दोनों साइड पर चाहिए हो सकता है [
17]।
लेकिन इस नियम को हर मानक पर सीधे लागू नहीं करना चाहिए। BS EN 22553 के संदर्भों में फुल लाइन पर बना सिंबल प्लेट की पास वाली साइड से और डैश्ड लाइन पर बना सिंबल दूर वाली साइड से संबंधित होता है; अगर दोनों तरफ वेल्ड समान हो तो डैश्ड लाइन हटाई जा सकती है [12][
18]। इसलिए पहला नियम फिर वही है—ड्रॉइंग पर लिखा मानक पढ़ें।
5. मूल वेल्ड प्रकार पहचानें
फिलेट वेल्ड
फिलेट वेल्ड आमतौर पर त्रिकोण से दिखाया जाता है और दो हिस्सों को कोण या इंटरसेक्शन पर जोड़ने के लिए इस्तेमाल होता है। पहले देखें कि त्रिकोण संदर्भ रेखा के ऊपर है या नीचे; फिर उसके पास लिखे नंबर पढ़ें, क्योंकि वे वेल्ड का साइज या लंबाई बता सकते हैं [17]।
ग्रूव वेल्ड और बट जॉइंट
ग्रूव वेल्ड का चिह्न बताता है कि जॉइंट की एक या दोनों किनारों को तैयार करके बने ग्रूव में वेल्ड मेटल भरा जाएगा। सिंबल चार्ट में square groove, V groove, bevel groove, U, J, flare-V और flare-bevel जैसे रूप मिलते हैं [6][
9]। ग्रूव वेल्ड के सिंबल में जरूरत के अनुसार साइज, तैयारी की गहराई, रूट ओपनिंग, ग्रूव एंगल, सतह का आकार, फिनिशिंग विधि, लंबाई और पिच शामिल हो सकते हैं [
11]।
प्लग वेल्ड और स्लॉट वेल्ड
प्लग और स्लॉट वेल्ड भी बेसिक वेल्ड सिंबल की सूचियों में आते हैं [6][
9]। ऐसे चिह्न दिखें तो पिच या दूरी की जानकारी खास ध्यान से पढ़ें; शिक्षण संदर्भ बताते हैं कि प्लग वेल्ड की पिच आयत के दाईं ओर दिखाई जाती है और स्लॉट वेल्ड में भी पिच संबंधी जानकारी सिंबल के पास दी जा सकती है [
25]।
स्पॉट, सीम, सर्फेसिंग और एज वेल्ड
वेल्डिंग सिंबल चार्ट में स्पॉट वेल्ड, सीम वेल्ड, सर्फेसिंग वेल्ड, एज वेल्ड और back या backing से जुड़े चिह्न भी मिलते हैं [6][
9]। इन मामलों में केवल सिंबल का नाम पढ़ना काफी नहीं है; तीर, आयाम और टेल भी देखें, क्योंकि कुछ निष्पादन विवरण किसी प्रक्रिया स्पेसिफिकेशन या अन्य संदर्भ में दिए जा सकते हैं [
1]।
6. सिंबल के आसपास लिखे नंबर कैसे पढ़ें
वेल्डिंग सिंबल को वास्तविक कार्य-निर्देश बनाने का काम अक्सर नंबर करते हैं। AWS वेल्डिंग सिंबल के तत्वों में साइज, बेवल की गहराई, ग्रूव एंगल, रूट ओपनिंग, वेल्ड सेगमेंट की लंबाई और सेगमेंट के बीच पिच के लिए स्थान दिखाए जाते हैं [1]।
व्यावहारिक क्रम यह रखें:
- साइज या माप: सबसे पहले वेल्ड चिह्न के पास लिखा मुख्य नंबर देखें, खासकर फिलेट या ग्रूव वेल्ड में [
1][
17]।
- लंबाई: अगर वेल्ड लगातार नहीं है, तो वेल्ड सेगमेंट की लंबाई सिंबल के पास लिखी हो सकती है [
1]।
- पिच: यह वेल्ड सेगमेंट या ओपनिंग के बीच center-to-center दूरी बताती है, सिंबल के प्रकार के अनुसार [
1][
9]।
- रूट ओपनिंग और ग्रूव एंगल: ये खासकर ग्रूव वेल्ड में महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये वेल्डिंग से पहले जॉइंट तैयारी तय करते हैं [
1][
11]।
- कंटूर और फिनिश: flat, convex या concave सतह के चिह्न हो सकते हैं, और जरूरत होने पर फिनिशिंग विधि भी जोड़ी जा सकती है [
9][
11]।
7. पूरक चिह्नों को नजरअंदाज न करें
- All-around weld: तीर और संदर्भ रेखा के मिलने की जगह पर छोटा वृत्त होता है। इसका मतलब है कि ड्रॉइंग में दिखाए गए जॉइंट के चारों ओर वेल्ड चाहिए [
26]।
- Field weld: छोटा झंडा जैसा चिह्न बताता है कि वेल्ड फैब्रिकेशन शॉप में नहीं, बल्कि साइट या असेंबली स्थान पर किया जाना है [
8][
26]।
- सतह का आकार: flat, convex और concave कंटूर चिह्न वेल्ड की अंतिम सतह का रूप बताते हैं [
9]।
- टेल: इसमें वेल्डिंग प्रक्रिया, स्पेसिफिकेशन या अन्य संदर्भ हो सकता है; अतिरिक्त संदर्भ न होने पर इसे हटाया जा सकता है [
1]।
8. छोटे उदाहरण: ड्रॉइंग देखकर कैसे सोचें
AWS ड्रॉइंग में संदर्भ रेखा के नीचे त्रिकोण
पहले तीर को जॉइंट तक फॉलो करें। चूंकि सिंबल संदर्भ रेखा के नीचे है, वेल्ड तीर वाली साइड पर होगा। त्रिकोण फिलेट वेल्ड बताता है, इसलिए उस साइड पर फिलेट वेल्ड चाहिए; पास लिखे नंबर से साइज या लंबाई पढ़ें [7][
17]।
V चिह्न के साथ एंगल और रूट ओपनिंग
यह V-groove weld की ओर इशारा करता है। सिर्फ V पहचानना काफी नहीं है; ग्रूव एंगल, रूट ओपनिंग और तैयारी की गहराई भी पढ़नी होगी, क्योंकि ये जॉइंट की जरूरी शर्तें हैं [1][
11]।
तीर और संदर्भ रेखा के मिलन पर छोटा वृत्त
यह all-around weld का चिह्न है। यानी वेल्ड केवल एक दृश्य में दिखे स्थान तक सीमित नहीं, बल्कि ड्रॉइंग के अनुसार जॉइंट के चारों ओर चाहिए [26]।
संदर्भ रेखा के पास छोटा झंडा
यह field weld का चिह्न है। इसका मतलब है कि वेल्ड फैब्रिकेशन शॉप के बजाय साइट या इंस्टॉलेशन के समय किया जाएगा [8][
26]।
9. छह-स्टेप चेकलिस्ट
- मानक पढ़ें: टाइटल ब्लॉक या नोट्स में AWS A2.4, ISO 2553, BS EN 22553 या प्रोजेक्ट स्पेसिफिकेशन देखें [
24][
2][
12]।
- तीर को फॉलो करें: तीर संदर्भ रेखा को उस जॉइंट से जोड़ता है जिस पर वेल्ड निर्देश लागू हैं [
7][
13]।
- साइड तय करें: सिंबल संदर्भ रेखा के ऊपर या नीचे है, या ड्रॉइंग फुल लाइन/डैश्ड लाइन प्रणाली इस्तेमाल कर रही है—यह देखें [
7][
12][
17][
18]।
- वेल्ड का प्रकार पहचानें: फिलेट, ग्रूव, प्लग, स्लॉट, स्पॉट, सीम, सर्फेसिंग, एज या अन्य सिंबल देखें [
6][
9][
10]।
- आयाम पढ़ें: साइज, लंबाई, पिच, रूट ओपनिंग, ग्रूव एंगल और तैयारी की गहराई जैसी जानकारी देखें [
1][
11]।
- टेल और नोट्स देखें: प्रक्रिया, स्पेसिफिकेशन, वेल्डिंग प्रोसीजर रेफरेंस या निरीक्षण से जुड़ा विवरण सिंबल के बाहर भी हो सकता है [
1][
2]।
आम गलतियां जिनसे बचना चाहिए
- सिर्फ आकार पढ़ लेना: त्रिकोण या V देखकर निष्कर्ष न निकालें; पूरा welding symbol तीर, संदर्भ रेखा, टेल और आयामों के साथ पढ़ा जाता है [
10]।
- तीर वाली और दूसरी साइड में भ्रम: AWS की पढ़ाई में संदर्भ रेखा के नीचे और ऊपर बने सिंबल का मतलब अलग होता है [
7][
17]।
- मानकों का फर्क भूल जाना: BS EN 22553 में डैश्ड लाइन का उपयोग बताता है कि साइड तय करने का तरीका केवल एक लाइन के ऊपर-नीचे पर निर्भर नहीं है [
12][
18]।
- नंबरों को छोटी जानकारी मानना: साइज, लंबाई, पिच, रूट ओपनिंग और ग्रूव एंगल वेल्ड के निष्पादन की मूल शर्तें हो सकते हैं [
1][
11]।
- शॉर्टकट चार्ट पर पूरी निर्भरता: चार्ट याद दिलाने में मदद करते हैं, लेकिन आधिकारिक मानक या प्रोजेक्ट नोट्स का स्थान नहीं लेते [
6]।
निष्कर्ष
वेल्डिंग सिंबल को एक पूरी तकनीकी पंक्ति की तरह पढ़ें। मानक पढ़ने का नियम देता है, तीर जॉइंट दिखाता है, संदर्भ रेखा सूचना को व्यवस्थित करती है, मूल चिह्न वेल्ड का प्रकार बताता है और आयाम व पूरक चिह्न निष्पादन की शर्तें तय करते हैं। इस क्रम से पढ़ने पर ड्रॉइंग पर बने छोटे-छोटे निशान स्पष्ट निर्देशों में बदल जाते हैं—कहाँ वेल्ड करना है, किस प्रकार का करना है और उसकी माप या खास शर्तें क्या हैं [1][
7][
10]।




