चान चुन सिंग के अनुसार, RSIS को घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के बजाय सिंगापुर को संभावित बदलावों के बारे में पहले से आगाह करना चाहिए। [1][4] दूसरे देशों की क्षमता के साथ उनके नेताओं और इरादों को समझना, तथा नई तकनीकों से जुड़े जोखिमों पर साझा समझ बनाना भी जरूरी है। [1][3] अमेरिका और चीन, दोनों के लिए सिंगापुर की प्रासं...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: At RSIS’s 30th-anniversary lecture on Sep 22, 2026, how did Singapore’s Defence Minister Chan Chun Sing describe the school’s role in helpin. Article summary: Chan described RSIS as a source of forward-looking analysis and trusted dialogue that helps Singapore anticipate geopolitical change rather than merely react to it. That matters, he said, because Singapore cannot opt out. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
22 सितंबर 2026 को एस. राजरत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ (RSIS) की 30वीं वर्षगांठ पर सिंगापुर के रक्षा मंत्री चान चुन सिंग का संदेश था: देश को केवल यह नहीं समझना चाहिए कि दुनिया में अभी क्या हो रहा है, बल्कि यह भी भांपना चाहिए कि आगे क्या हो सकता है। सामरिक और सुरक्षा मामलों का अध्ययन करने वाले RSIS से उन्होंने ऐसे विश्लेषण की अपेक्षा जताई जो सिंगापुर को बदलाव के लिए समय रहते तैयार करे। उन्होंने चेताया कि अमेरिका और चीन, दोनों के लिए सिंगापुर की प्रासंगिकता हमेशा बनी रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। 1
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चान के मुताबिक, RSIS को अमेरिका और चीन जैसी बड़ी शक्तियों के साथ सिंगापुर के पड़ोसी मलेशिया और इंडोनेशिया की सोच और महत्वाकांक्षाओं को गहराई से समझना चाहिए। सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कोई देश क्या कर सकता है; यह भी है कि उसके नेता, संस्थाएं और इरादे उसे अपनी क्षमता का इस्तेमाल कैसे करने की ओर ले जा सकते हैं। उनका आग्रह था कि RSIS कुछ कदम आगे सोचकर सिंगापुर को उन घटनाओं के बारे में भी आगाह करे जिन्हें आज असंभव माना जा रहा हो। 1
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एक छोटे देश के लिए यह दूरदर्शिता खास मायने रखती है। चान ने कहा कि सिंगापुर अपनी भौगोलिक स्थिति बदल नहीं सकता और न ही भू-राजनीति से अलग रह सकता है। इसलिए बदलाव जल्दी समझना, विकल्प सिमट जाने के बाद प्रतिक्रिया देने से बेहतर है। 1
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चान ने कहा कि RSIS केवल पुराने तरीकों से और अधिक काम करके प्रासंगिक नहीं रह सकता; उसे लगातार खुद को नया रूप देना होगा। यह जरूरत उन तकनीकों और सुरक्षा जोखिमों के संदर्भ में भी है जो सीमाओं से परे असर डालते हैं। बढ़ते तनाव के बीच शोध संस्थान साझा समझ और अपेक्षाएं बनाने में मदद कर सकते हैं, जिससे गलत आकलन का जोखिम घटे। 3
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अमेरिका–चीन प्रतिद्वंद्विता पर पूछे गए सवाल के जवाब में चान ने सिंगापुर के राष्ट्रीय हित को केंद्र में रखा। उनके शब्दों में, “हम पक्ष चुनते हैं—हम हमेशा सिंगापुर का पक्ष चुनते हैं।” दोनों शक्तियों के साथ भरोसा और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जरूरी हैं। 6
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उन्होंने RSIS Trilateral Exchange का उदाहरण दिया, जहां अमेरिकी और चीनी शिक्षाविद तथा ‘ट्रैक 1.5’ संवाद के प्रतिभागी—यानी आधिकारिक और गैर-आधिकारिक बातचीत से जुड़े लोग—खुलकर बात कर सकते हैं। चान के अनुसार, सिंगापुर की भूमिका सिर्फ बातचीत के लिए जगह उपलब्ध कराने की नहीं, बल्कि भरोसेमंद तीसरे पक्ष के रूप में अपना दृष्टिकोण रखने की भी है। 7
मध्य पूर्व पर स्पष्टता: उपलब्ध सामग्री से उस संघर्ष में सिंगापुर की भूमिका की सीमाओं पर चान की सटीक टिप्पणी स्थापित नहीं होती। अमेरिका–चीन संवाद पर उनके विचारों के आधार पर उस विषय में उनका रुख नहीं मानना चाहिए। 7
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चान चुन सिंग के अनुसार, RSIS को घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के बजाय सिंगापुर को संभावित बदलावों के बारे में पहले से आगाह करना चाहिए। [1][4]
चान चुन सिंग के अनुसार, RSIS को घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के बजाय सिंगापुर को संभावित बदलावों के बारे में पहले से आगाह करना चाहिए। [1][4] दूसरे देशों की क्षमता के साथ उनके नेताओं और इरादों को समझना, तथा नई तकनीकों से जुड़े जोखिमों पर साझा समझ बनाना भी जरूरी है। [1][3]
अमेरिका और चीन, दोनों के लिए सिंगापुर की प्रासंगिकता तय नहीं है; भरोसा बनाए रखने में खुला संवाद और सिंगापुर का अपना दृष्टिकोण अहम हैं। [6][7]