फरवरी 2025 में, अलीबाबा ने तीन साल में AI और क्लाउड बुनियादी ढांचे पर कम से कम 380 बिलियन युआन (~53 अरब डॉलर) निवेश करने की योजना की घोषणा की । सितंबर 2025 तक, कंपनी ने संकेत दिया कि वह इस आंकड़े को बढ़ा सकती है
, और जुलाई 2026 तक रिपोर्टों में कहा गया कि इसी अवधि में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) 69 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है
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सीईओ एडी वू ने साफ शब्दों में कहा: "AI युग में बुनियादी ढांचे की स्पष्ट और बड़ी मांग है। हम AI बुनियादी ढांचे में आक्रामक तरीके से निवेश करेंगे। अगले तीन वर्षों में क्लाउड और AI बुनियादी ढांचे में हमारा नियोजित निवेश पिछले दशक के हमारे कुल खर्च से अधिक होगा" ।
निवेशकों की प्रतिक्रिया तुरंत आई। मई 2026 में, अलीबाबा और टेंसेंट दोनों के राजस्व के आंकड़े उम्मीदों से कम रहे, जिससे चिंता बढ़ गई कि भारी AI खर्च का कंपनियों की शीर्ष पंक्ति (टॉप-लाइन) के विकास पर कोई असर नहीं हुआ है । अलीबाबा की नॉन-जीएएपी शुद्ध आय – जो निवेशकों के लिए सबसे अहम मेट्रिक है – मार्च तिमाही में गिरकर सिर्फ 8.6 करोड़ युआन रह गई, जो एक साल पहले 29.8 बिलियन युआन थी
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रॉयटर्स ब्रेकिंगव्यूज़ ने जनवरी 2026 में ही कह दिया था: चीन की AI कंपनियां "मुनाफे का खतरनाक रास्ता" तय कर रही हैं । हांगकांग की पत्रिका SCMP ने भी साफ शब्दों में कहा: चीनी टेक कंपनियां उसी सवाल का सामना कर रही हैं कि AI पर खर्च किए गए अरबों डॉलर से स्थायी मुनाफा कैसे होगा
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1. ई-कॉमर्स में AI का मुद्रीकरण ('ब्रेक-ईवन' का सबूत)
अलीबाबा के उपाध्यक्ष कैफू झांग ने अक्टूबर 2025 में कहा था कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (ताओबाओ और टीमॉल) पर AI खर्च पहले ही बराबर (ब्रेक-ईवन) हो रहा है। शुरुआती AI टूल्स ने विज्ञापन खर्च पर रिटर्न में 12% की बढ़ोतरी दिखाई है । यह अलीबाबा को एक ठोस, निकट-अवधि का ROI नैरेटिव देता है जो सिर्फ AI बुनियादी ढांचे पर काम करने वाली कंपनियों के पास नहीं है।
2. अलीबाबा क्लाउड के जरिए AI-एज़-अ-सर्विस
सीईओ एडी वू ने AI बुनियादी ढांचे के निवेश को अलीबाबा क्लाउड की ग्रोथ से जोड़ा है – कंपनी के लिए यह अपने डेटा सेंटर के निवेश से पैसा कमाने का सबसे सीधा रास्ता है । सितंबर 2025 तिमाही में, समूह का कुल राजस्व साल-दर-साल 15% बढ़ा, जबकि अलीबाबा क्लाउड का राजस्व 34% की दर से बढ़ा
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3. गैर-कोर संपत्तियों की बिक्री से AI के लिए फंडिंग
अलीबाबा की FY2025 वार्षिक रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि वह "पूंजी आवंटन को अनुकूलित" कर रही है। कंपनी गैर-कोर संपत्तियां जैसे लक्जरी रिटेलर इंताइम और हाइपरमार्केट चेन गाओक्सिन रिटेल को बेच रही है। इससे भारी नकदी खाली हो रही है जिसे AI में लगाया जा सकता है और साथ ही पूंजीगत व्यय का बोझ भी कम हो रहा है ।
4. लागत नियंत्रण की कहानी
मेटा के विपरीत, जहां फ्री कैश फ्लो लगभग शून्य हो गई, अलीबाबा जोर देता है कि उसके मुख्य कारोबार मजबूत नकदी प्रवाह पैदा कर रहे हैं। FY2025 रिपोर्ट में "मुख्य व्यावसायिक परिचालनों से मजबूत नकदी प्रवाह" और घाटे वाली इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से लाभदायक बनाने की रणनीति पर प्रकाश डाला गया है ।
इन सब प्रयासों के बावजूद, स्वतंत्र विश्लेषक संदेह व्यक्त कर रहे हैं। वही 'मुनाफा दिखाओ' वाली मानसिकता जिसने Q2 2026 में मेटा को सजा दी थी, अब चीनी टेक तक पहुंच गई है। AI खर्च की चिंता के कारण अलीबाबा और टेंसेंट ने मिलकर 66 अरब डॉलर का बाजार मूल्य गंवाया । बर्नस्टीन जैसी फर्मों के विश्लेषकों ने घरेलू GPU क्षमता और इस बात पर चिंता जताई है कि क्या यह खर्च राजस्व वृद्धि में तब्दील होगा
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अलीबाबा की अगली कुछ तिमाही की कमाई रिपोर्टें यह परीक्षण होंगी कि क्या उसके AI निवेश से कंपनी की शीर्ष पंक्ति को गति मिल रही है या सिर्फ लागत बढ़ रही है। फिलहाल, कंपनी यह तर्क दे रही है कि ई-कॉमर्स स्तर पर ROI और क्लाउड राजस्व वृद्धि मेटा के बिखरे हुए दृष्टिकोण की तुलना में मुनाफे का अधिक विश्वसनीय रास्ता है। बाजार अभी तक आश्वस्त नहीं है।
अलीबाबा पर दबाव एक याद दिलाता है कि सबसे महत्वाकांक्षी AI निवेशों को भी बुनियादी सवालों का सामना करना पड़ता है। जैसा कि SCMP ने जुलाई 2026 में कहा, वही चिंता जो अमेरिकी हाइपरस्केलर को परेशान कर रही थी, अब दुनिया भर में फैल गई है: निवेशक देखना चाहते हैं कि AI बुनियादी ढांचे पर खर्च सिर्फ प्रतिस्पर्धी बने रहने की लागत नहीं, बल्कि स्थायी मुनाफे का रास्ता है । अलीबाबा के लिए, ई-कॉमर्स और क्लाउड में शुरुआती संकेत उत्साहजनक हैं, लेकिन पूरा फैसला आने में अभी सालों लग सकते हैं।