यह फैसला तब आया जब उसी राउंड के अंत में उसिक के एक तेज़ हमले के बाद वेरहोवेन नॉकडाउन हो गए। हालांकि वेरहोवेन गिनती पूरी कर फिर खड़े हो गए थे, लेकिन उसिक के आगे बढ़ते ही रेफरी ने मुकाबला समाप्त घोषित कर दिया।
मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा यही समाप्ति बन गई।
कई रिपोर्टों में कहा गया कि रेफरी का फैसला विवादित था क्योंकि वेरहोवेन खड़े थे और मुकाबला जारी रखने की स्थिति में दिख रहे थे। कुछ लाइव स्कोरकार्ड्स में उस समय तक फाइट बेहद करीबी—और कुछ में वेरहोवेन के पक्ष में—बताई जा रही थी।
चूंकि राउंड खत्म होने में केवल एक सेकंड बाकी था, कई विश्लेषकों का मानना है कि वेरहोवेन संभवतः उस राउंड को पार कर अगले राउंड तक मुकाबला जारी रख सकते थे।
मुकाबले के शुरुआती हिस्से में उसिक अपेक्षाकृत शांत दिखे। लेकिन जैसे‑जैसे फाइट आगे बढ़ी, उन्होंने अपनी प्रसिद्ध रिंग‑इंटेलिजेंस, टाइमिंग और काउंटरपंचिंग से नियंत्रण वापस लेना शुरू किया।
उसिक के कुछ प्रमुख पल:
यह अंत उसिक की करियर‑भर की पहचान को दोहराता है—मुकाबले के दौरान रणनीति बदलना और निर्णायक समय पर जोरदार हमला करना।
हालांकि वेरहोवेन को हार मिली, लेकिन उनके प्रदर्शन ने कई बॉक्सिंग प्रशंसकों को प्रभावित किया।
लंबे समय तक किकबॉक्सिंग के चैंपियन रहे वेरहोवेन ने अपने कद‑काठी, ताकत और लगातार दबाव से पहले दस राउंड तक उसिक को कड़ी टक्कर दी।
उनके प्रदर्शन की मुख्य झलकियाँ:
कई विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन दिखाता है कि वेरहोवेन बॉक्सिंग के शीर्ष स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं।
लेकिन चर्चा का केंद्र अब भी वही आख़िरी सेकंड है। जब वेरहोवेन खड़े थे और राउंड खत्म होने में बस एक पल बाकी था, तब रेफरी का मुकाबला रोकना आने वाले दिनों में बहस का विषय बना रहेगा।
उसिक के लिए यह जीत उनके अजेय रिकॉर्ड और चैंपियनशिप विरासत को मजबूत करती है। वहीं वेरहोवेन के लिए यह मुकाबला—even हार के बावजूद—यह साबित करता है कि वे बॉक्सिंग के सबसे बड़े मंच पर भी कड़ी चुनौती दे सकते हैं।
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