क्रेमलिन के विदेश नीति सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप की करीब 90 मिनट की फोन बातचीत ‘गंभीर’ और ‘दोस्ताना’ रही। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध और आर्थिक सहयोग पर बात की। उशाकोव ने यह भी कहा कि पुतिन ने रूसी संसदीय चुनावों के दौरान यूक्रेन के कथित ड्रोन हमलों को तत्काल शांति वार्ता फिर शुरू करने की राह में रुकावट बताया।
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इसी बातचीत के बाद ट्रंप ने रूस से डीज़ल की आपूर्ति का ऐलान किया। साथ ही, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने रूसी डीज़ल से जुड़े प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी।
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बातचीत के बारे में उशाकोव का बयान
फोन पर बातचीत शुक्रवार, 9 अक्टूबर को हुई। उशाकोव ने कहा कि कोई भी नेता पहले फोन रखने वाला नहीं बनना चाहता था। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप ने पुतिन को जन्मदिन की बधाई भी दी और उनके लिए शुभकामनाएं जताईं।
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उशाकोव के अनुसार, दोनों नेताओं ने यूक्रेन के अलावा आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने पुतिन का पक्ष सुना और मियामी में अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रहे यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल तक संबंधित संदेश पहुंचाने की बात कही।
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शांति वार्ता टालने की वजह पर मॉस्को का दावा
उशाकोव के मुताबिक, पुतिन ने ट्रंप से कहा कि मॉस्को, दूसरे रूसी शहरों और मतदान केंद्रों पर यूक्रेन के कथित ड्रोन हमलों ने तत्काल वार्ता फिर शुरू करने की संभावना को बाधित किया। उशाकोव ने चुनाव के आयोजन से जुड़े लोगों पर हमलों का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अब मॉस्को विचार करेगा कि बातचीत कब दोबारा शुरू की जा सकती है।
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ये क्रेमलिन के आरोप हैं—यहां उद्धृत रिपोर्टों में इन्हें स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने क्रेमलिन के इस दावे को वार्ता फिर शुरू होने की संभावना रुकने के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश बताया।
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यह बातचीत ऐसे समय हुई जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने युद्ध को ‘खतरनाक गतिरोध’ बताया था और कहा था कि वॉशिंगटन समझौते की दिशा में काम जारी रखेगा।
36 उपलब्ध रिपोर्टों से यह स्पष्ट नहीं होता कि पुतिन की टिप्पणियों के जवाब में रूस ने किसी खास जवाबी कदम का ऐलान किया था या नहीं।
रूसी डीज़ल आपूर्ति और अस्थायी प्रतिबंध राहत
ट्रंप ने कहा कि रूस तुरंत 3 लाख टन से अधिक डीज़ल देगा, इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन की आपूर्ति होगी। कुछ रिपोर्टों में आगे 30 लाख टन की एक और खेप का भी ज़िक्र है, जिसकी मात्रा या समय रूस की रिफाइनरियों की स्थिति पर निर्भर बताया गया। ये घोषित या रिपोर्ट की गई आपूर्ति योजनाएं हैं; इनसे यह साबित नहीं होता कि ईंधन पहुंचाया जा चुका है।
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रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अस्थायी लाइसेंस से 7 अप्रैल 2027 तक रूसी डीज़ल की बिक्री या आयात की अनुमति मिली। रूस ने भी कहा कि वह अपने डीज़ल निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाना शुरू करेगा।
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एसोसिएटेड प्रेस ने इस समझौते को मॉस्को पर वर्षों से बनाए गए अमेरिकी दबाव से पीछे हटने के रूप में पेश किया। यह कदम मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की कीमतों को काबू करने की कोशिश के तौर पर बताया गया। हालांकि, कीमतों पर इसका वास्तविक असर अनिश्चित है: रिपोर्टों में उद्धृत विश्लेषकों ने सवाल उठाया कि क्या अतिरिक्त आपूर्ति से पहले से तंग वैश्विक डीज़ल बाजार में बड़ा फर्क पड़ेगा।
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किन बातों की पुष्टि नहीं है?
उपलब्ध रिपोर्टों से यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं होता कि बातचीत में रूस की किसी जवाबी कार्रवाई पर क्या चर्चा हुई, या डीज़ल समझौते के बदले वॉशिंगटन ने कोई रियायत दी थी या नहीं। यह अधिक विशिष्ट दावा भी उद्धृत रिपोर्टों से पुष्ट नहीं होता कि लाइसेंस केवल उस डीज़ल पर लागू था जो शुक्रवार तक टैंकरों में लादा जा चुका था। इसलिए इन बातों को उपलब्ध जानकारी के आधार पर निश्चित तथ्य नहीं मानना चाहिए।