जून 2026 की लोवी इंस्टीट्यूट रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का ऑस्ट्रेलिया पर सीधा मिसाइल हमला खतरा 'वास्तविक और बढ़ता' है, जो अगले दशक में और गंभीर हो जाएगा [1][2]। चीन वर्तमान में जहाजों और पनडुब्बियों से मिसाइल दाग सकता है, और DF 26 मिसाइल से दक्षिण चीन सागर के कृत्रिम द्वीपों से उत्तरी ऑस्ट्रेलिया को निशाना बना स...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: According to a Lowy Institute report published in June 2026, what growing direct missile strike threat does China pose to Australia, and wha. Article summary: According to the Lowy Institute report published in June 2026, China poses a **"real and growing" direct missile strike threat** to the Australian mainland [1][2]. The report assesses that China can already strike Austra. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clic
जून 2026 में ऑस्ट्रेलियाई विदेश नीति थिंक टैंक लोवी इंस्टीट्यूट (Lowy Institute) की एक ऐतिहासिक रिपोर्ट ने निष्कर्ष निकाला है कि चीन ऑस्ट्रेलिया की मुख्यभूमि के लिए 'वास्तविक और बढ़ता' सीधा मिसाइल हमला खतरा पैदा करता है । यह रिपोर्ट चीनी सैन्य निर्माण को 'ऐतिहासिक बदलाव' बताती है, जिसके ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा के लिए गंभीर परिणाम हैं
।
रिपोर्ट में पाया गया है कि चीनी सेना के पास पहले से ही ऑस्ट्रेलिया पर कई तरीकों से हमला करने की क्षमता है :
जहाज और पनडुब्बी-आधारित बैलिस्टिक मिसाइलें: रिपोर्ट चीन की नौसैनिक प्लेटफार्मों से मिसाइल हमले करने की क्षमता को ऑस्ट्रेलिया के लिए 'मुख्य खतरा' बताती है ।
DF-26 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल: यह पहले से परिचालन में है और दक्षिण चीन सागर में चीन के कृत्रिम द्वीपों से दागे जाने पर उत्तरी ऑस्ट्रेलिया तक पहुंच सकती है ।
व्यापार और बुनियादी ढांचे पर खतरा: प्रत्यक्ष हमलों के अलावा, चीन इंडोनेशियाई द्वीपसमूह के संकीर्ण मार्गों से ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मार्गों को अवरुद्ध कर सकता है, पनडुब्बी केबलों को काट सकता है, और ऑस्ट्रेलियाई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के खिलाफ साइबर हमले कर सकता है ।
रिपोर्ट चेतावनी देती है कि नई प्रणालियों के सेवा में आने के साथ खतरा 'अगले दशक में और बढ़ेगा' । इस वृद्धि में योगदान देने वाली विशिष्ट क्षमताएं इस प्रकार हैं:
अमेरिकी सैन्य आकलन के अनुसार, DF-27 की रेंज 5,000 किमी से 8,000 किमी है, जो इसे सीधे चीन से ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचने में सक्षम बनाती है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगले दशक में DF-27 के 'सेवा में संख्या बढ़ने' से खतरा और बढ़ जाएगा ।
रिपोर्ट में पेंटागन के अनुमानों का उल्लेख है कि बीजिंग ने एक नया ICBM विकसित किया है जो गैर-परमाणु वारहेड से लैस है। यह क्षमता, DF-27 के साथ मिलकर, सेवा में आने पर प्रत्यक्ष हमले के खतरे को और बढ़ा देगी ।
रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि चीन एक मानवयुक्त या ड्रोन लंबी दूरी के बमवर्षक विमान को मैदान में उतारता है, या प्रशांत द्वीपों पर ऑस्ट्रेलिया के पास बमवर्षक या मिसाइलें तैनात करता है, तो खतरा 'नाटकीय रूप से बढ़ जाएगा' ।
लोवी इंस्टीट्यूट ने नोट किया है कि चीन बढ़ती हड़ताल क्षमता के हिस्से के रूप में लंबी दूरी और हाइपरसोनिक हथियार जमा कर रहा है ।
हालांकि रिपोर्ट चीन की सैन्य क्षमताओं पर केंद्रित है, यह स्पष्ट रूप से संघर्ष की संभावना या इस बात पर अनुमान लगाने से बचती है कि बीजिंग ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का सहारा ले सकता है या नहीं । चीन ने सार्वजनिक रूप से इस रिपोर्ट की आलोचना की है, राज्य मीडिया ने इसे 'गंभीर सामरिक गलत अनुमान' बताया है
।
यह आकलन इंडो-पैसिफिक में तेजी से बदलते सामरिक परिदृश्य को रेखांकित करता है, जहां भौगोलिक दूरी अब प्रत्यक्ष सैन्य खतरों से सुरक्षा की गारंटी नहीं देती है।
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जून 2026 की लोवी इंस्टीट्यूट रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का ऑस्ट्रेलिया पर सीधा मिसाइल हमला खतरा 'वास्तविक और बढ़ता' है, जो अगले दशक में और गंभीर हो जाएगा [1][2]।
जून 2026 की लोवी इंस्टीट्यूट रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन का ऑस्ट्रेलिया पर सीधा मिसाइल हमला खतरा 'वास्तविक और बढ़ता' है, जो अगले दशक में और गंभीर हो जाएगा [1][2]। चीन वर्तमान में जहाजों और पनडुब्बियों से मिसाइल दाग सकता है, और DF 26 मिसाइल से दक्षिण चीन सागर के कृत्रिम द्वीपों से उत्तरी ऑस्ट्रेलिया को निशाना बना सकता है [1]।
प्रमुख नए खतरों में DF 27 मिसाइल (5,000–8,000 किमी रेंज), संभावित पारंपरिक ICBM, और बढ़ती हाइपरसोनिक हथियार क्षमता शामिल है [1][2]।