LexisNexis ने 26,000 से अधिक पेटेंट परिवारों का विश्लेषण किया। रैंकिंग में केवल उन निजी कंपनियों को शामिल किया गया, जिन्होंने कम-से-कम एक द्विपाद यानी दो पैरों पर चलने वाला ह्यूमनॉइड रोबोट सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया है ।
विश्लेषण में ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स की तीन प्रमुख तकनीकी श्रेणियों पर ध्यान दिया गया: इंसानों और रोबोट के बीच संवाद व संपर्क प्रणाली, मॉर्फोलॉजी यानी रोबोट का भौतिक ढांचा, तथा नियंत्रण और योजना बनाने वाली प्रणालियां ।
| रैंक | कंपनी | मुख्यालय |
|---|---|---|
| 1 | Fourier | शंघाई, चीन |
| 2 | AgiBot | शंघाई, चीन |
| 3 | LimX Dynamics | शेनझेन, चीन |
| 4 | Pudu Robotics | शेनझेन, चीन |
| 5 | Unitree Robotics | हांगझोउ, चीन |
| 6 | Figure AI | सैन जोस, अमेरिका |
| 7 | Agile Robots | म्यूनिख, जर्मनी |
| 8 | Apptronik | ऑस्टिन, अमेरिका |
| 9 | Leju Robot | शेनझेन, चीन |
| 10 | एक अमेरिकी स्टार्टअप | अमेरिका |
स्रोत: LexisNexis Intellectual Property Solutions, 29 जुलाई 2026
इस सूची में चीन की छह कंपनियां हैं—Fourier, AgiBot, LimX Dynamics, Pudu Robotics, Unitree Robotics और Leju Robot। बाकी चार स्थानों पर दो अमेरिकी स्टार्टअप, एक जर्मन कंपनी और एक अन्य अमेरिकी इकाई शामिल हैं ।
यह रैंकिंग सार्वजनिक कंपनियों पर लागू नहीं होती। इसलिए Tesla और उसके Optimus रोबोट कार्यक्रम को इसमें शामिल नहीं किया गया है; अध्ययन का दायरा निजी स्टार्टअप्स तक सीमित था ।
LexisNexis के विश्लेषण में ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स के क्षेत्र में नवाचार का केंद्र चीन की ओर स्पष्ट रूप से खिसकने की बात कही गई है । पिछले एक दशक में चीन में इंटरैक्शन, रोबोट की संरचना और नियंत्रण तकनीकों से जुड़े पेटेंट आवेदन तेजी से बढ़े हैं ।
मॉर्फोलॉजी यानी रोबोट के शरीर और भौतिक बनावट से जुड़े पेटेंटों में चीन की हिस्सेदारी अब वैश्विक कुल का 73% बताई गई है । चीनी पेटेंट गतिविधि में सबसे तेज वृद्धि स्वायत्त निर्णय लेने वाली प्रणालियों में हुई है। यही तकनीक तय करती है कि रोबोट नियंत्रित प्रदर्शन से आगे बढ़कर असंगठित और वास्तविक कारोबारी माहौल में कितनी प्रभावी तरह काम कर सकता है ।
पेटेंटों की कुल संख्या के मामले में चीन स्पष्ट रूप से आगे है, लेकिन कुछ विश्लेषणों के अनुसार अमेरिकी आविष्कार अब भी गुणवत्ता से जुड़े मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हैं ।
LexisNexis की रैंकिंग केवल पेटेंटों की गिनती पर आधारित नहीं है। इसमें पेटेंट की गुणवत्ता को भी महत्व दिया गया है। इसके बावजूद चीनी स्टार्टअप्स शीर्ष स्थानों पर हावी रहे । इससे प्रतिस्पर्धा की तस्वीर दो हिस्सों में बंटती दिखती है: चीन के पास पेटेंटों की बड़ी संख्या है, जबकि अमेरिका को विशेष रूप से बुनियादी नियंत्रण और एआई प्रणालियों में उच्च-गुणवत्ता वाले नवाचार का लाभ हासिल है ।
यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका में चीनी रोबोटों के आयात को लेकर नीतिगत सख्ती बढ़ रही है। अमेरिकी Federal Communications Commission यानी FCC राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए चीन में बने नए रोबोटों के आयात पर रोक लगाने की दिशा में बढ़ रहा है । वॉशिंगटन चीन से रोबोट आयात पर इससे भी व्यापक प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है ।
यही नीति-संदर्भ पेटेंट रैंकिंग को और महत्वपूर्ण बनाता है। अमेरिका चीनी हार्डवेयर पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रहा है, जबकि चीनी स्टार्टअप्स उस बौद्धिक संपदा में अपनी बढ़त मजबूत कर रहे हैं जो ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स के भविष्य के विकास को दिशा दे सकती है ।
पेटेंट बढ़त का असर बाजार में भी दिखाई देता है। एक स्रोत में उद्योग संबंधी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि पिछले वर्ष वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोट शिपमेंट में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 90% रही। वहीं, Tesla और Figure AI जैसी अमेरिकी कंपनियों को बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ।